
जनादेश टाइम्स– शासन की नीति और नियति भांप जो अफसर काम करतें हैं वही सम्मान पातें हैं एसडीएम राजेश चौरसिया उन्ही में से एक हैं। पुरवा में तैनाती के बाद से ही भूमाफियाओं के विरूद्ध अभियान,बार बेंच के रिश्तों को नया आयाम देकर गतिरोध समाप्त करने जैसे अनगिनत कार्य हैं “बेस्ट इलेक्टोरल एवार्ड”ने कुशल प्रसाशक होने की मुहर लगा दी खास यह कि सहयोगी अफसरों सहित सभी कर्मचारियों में गजब की खुशी देखी जा रही है। खास यह कि एसडीएम की कार्यप्रणाली अफसर की कम जनसेवक की अधिक है। सवा साल पहले जनपद उन्नाव के पुरवा तहसील में बतौर उपजिलाधिकारी तैनात हुए राजेश चौरसिया ने जिस तेवर से कार्यो को अंजाम देना शुरू किया था वह आज भी कायम है मसला चाहे भूमाफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही को लेकर हो या फिर बार और बेंच के मध्य जारी गतिरोध हो या फिर करोना काल मे गरीबों को भोजन,शहर से आने वालों को उनके गन्तव्य तक पहुंचाना हो या मतदाता सूची तैयार कराने का कार्य प्रत्येक को एसडीएम चौरसिया ने प्रमाणिकता से निभाया यही वजह है कि चुनाव आयोग ने उन्हें बेस्ट इलेक्टोरल एवार्ड के लिए चुना। सनद रहे कि लख़नऊ में जैसे ही निर्वाचन आयोग की ओर से एसडीएम को एवार्ड दिया गया यहाँ उनके सहयोगी अफसरों व कर्मचारियों में गजब की खुशी दिखी सबका कहना था कि ऐसे अफसर कभी कभी मिलते हैं ऐसा लग रहा था मानो एवार्ड प्रत्येक अफसर व कर्मचारी ने प्राप्त किया हो।इस बाबत एसडीएम राजेश चौरसिया ने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देश पर काम किया उन्हें क्या पता था कि वह बेस्ट इलेक्टोरल एवार्ड के लिए चुना जायेगा।

लेखक- जयशंकर पांडे, वरिष्ठ पत्रकार है